एशियाई खेलों: निशानेबाजी में भारत का निराशाजनक सफर जारी, एयर पिस्टल टीम भी पदक से वंचित
पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारतीय टीम पदक तालिका में जगह बनाने में नाकाम रही।

नागोया। एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। देश की पारंपरिक रूप से मजबूत मानी जाने वाली पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारतीय टीम पदक तालिका में जगह बनाने में नाकाम रही।टीम व व्यक्तिगत प्रदर्शन को देखा जाए तो कमलजीत 580 अंक के साथ 9वें स्थान पर रहे और महज 1 अंक के अंतर से फाइनल में जगह बनाने से चूक गए।आकाश भारद्वाज 579 अंक हासिल कर 11वें स्थान पर रहे।केदारलिंग 568 अंक के साथ 35वें स्थान पर रहे।भारतीय टीम ने कुल 1727 अंक जुटाए और चौथे स्थान पर रही। वहीं, जापान ने 1730 अंक के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। चीन और इंडोनेशिया दोनों ने ही 1743 अंक हासिल किए, लेकिन अधिक 'इनर-10' स्कोर के आधार पर चीन को स्वर्ण और इंडोनेशिया को रजत पदक मिला। व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में इंडोनेशिया के निशानेबाज मुहम्मद इकबाल राजा प्रबोवो 589 अंक का बेहतरीन स्कोर बनाकर शीर्ष पर रहे, जो दूसरे स्थान पर रहे चीनी निशानेबाज (583 अंक) से 6 अंक आगे थे।
केदारलिंग का संघर्ष और मुकाबले का निर्णायक मोड़
भारतीय सेना के निशानेबाज केदारलिंग शुरुआत से ही संघर्ष करते दिखे। अंक लगातार गिरते देख उन्होंने अपनी पिस्टल की सेटिंग में बदलाव भी किया, लेकिन इसका कोई खास फायदा नहीं हुआ। दर्शक दीर्घा में मौजूद भारतीय कोच और हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर पियरे ब्यूशां बेहद चिंतित नजर आए।मुकाबले के अंतिम चरण में जापानी कोचिंग स्टाफ के सदस्य दर्शक दीर्घा में केदारलिंग के ठीक पीछे आकर खड़े हो गए और उनके शॉट देखने लगे। आखिरी 10 शॉटों की श्रृंखला में केदारलिंग के एक निशाने पर 8 अंक आए। इस चूक ने भारत की कांस्य पदक की उम्मीदों को खत्म कर दिया और जापान के लिए पदक का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया।
2023 के ऐतिहासिक प्रदर्शन से तुलना
निशानेबाजी प्रतियोगिता के लगातार पांच दिन पूरे होने के बाद भी भारत के खाते में अब तक एक भी स्वर्ण पदक नहीं आया है। भारत ने अब तक 4 रजत और 3 कांस्य पदक जीते हैं।इससे पहले, स्टार खिलाड़ियों मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरूचि सिंह की महिला 10 मीटर एयर पिस्टल टीम भी फाइनल की दौड़ से बाहर हो गई थी। लगातार मिल रही इन निराशाओं ने 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों (जहाँ भारत ने निशानेबाजी में 7 स्वर्ण सहित 22 पदक जीते थे) के प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है।
हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर का बयान
भारत के डेटा-आधारित प्रदर्शन और खेल-विज्ञान प्रबंधन की देखरेख कर रहे हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर पियरे ब्यूशां ने फिलहाल आधिकारिक समीक्षा करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैं अभी इस बारे में बात नहीं कर सकता। एशियाई खेलों में भारत की निशानेबाजी स्पर्धाएं पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही मैं इस पर विस्तृत बात करूंगा।



