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नाटक कथा एक कंस की ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

नाटक कथा एक कंस की ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। संकृति मंत्रालय भारत सरकार के सययोग से नाट्य संस्था ‘भरत रंग, लखनऊ’ ने प्रसिद्ध नाटककार दया प्रकाश सिन्हा के चर्चित नाटक ‘कथा एक कंस की’ का मंचन रवींद्रालय प्रेक्षागृह, चारबाग़, में किया गया। नाटक का निर्देशन चन्द्रभाष सिंह ने किया। नाटक ने दर्शकों को पौराणिक कथा के साथ-साथ सत्ता, अहंकार, महत्वाकांक्षा, प्रेम और नियति के संघर्ष से रूबरू कराया। मंच पर कंस के चरित्र को केवल एक अत्याचारी शासक के रूप में नहीं, बल्कि उसके भीतर चल रहे मानसिक द्वंद्व, असुरक्षा और सत्ता की महत्वाकांक्षा से जूझते एक मनुष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।

नाटक की प्रस्तुति में अभिनय, प्रकाश, संगीत और मंच संयोजन का प्रभावी तालमेल देखने को मिला। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से कथा को जीवंत कर दिया। विशेष रूप से कंस के चरित्र की भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक परतों को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। निर्देशक चन्द्रभाष सिंह ने कहा कि ‘कथा एक कंस की’ को प्रस्तुत करने का उद्देश्य केवल पौराणिक कथा को दोहराना नहीं, बल्कि कंस के माध्यम से सत्ता और मनुष्य के बीच के संबंध को समकालीन संदर्भों में देखने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि रंगमंच समाज के सामने सवाल खड़े करने का सशक्त माध्यम है और यह नाटक भी दर्शकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करता है। मंच पर गिन्नी सहगल, मुस्कान सोनी, अनामिका, लावण्या बाजपेई, लता बाजपेई, चन्द्रभाष सिंह, मृत्त्युन्जय प्रकाश, सुन्दरम मिश्रा, गिरिराज किशोर शर्मा, अग्नि सिंह, मुकुल कुमार, विनीता पटेल, कृष्ण कुमार पाण्डेय, अर्चना, नितिन कुमार, अर्पित मोदनवाल, अमोल पाण्डेय, रजनीश कुमार,  सहित कुल 30 कलाकरों ने अभिनय किया।

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