स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
UP School Holiday: यूपी में आफत की बारिश, 26 जिलों में स्कूल बंद; यहां देखें पूरी लिस्टलगातार बारिश में भरभराकर गिरा कच्चा मकान, टीन शेड भी ढहायूपी में मौसम को लेकर अलर्ट, जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता के निर्देशनशे में चाची से दुष्कर्म, विरोध पर पीटकर हत्या, दो गिरफ्तारसुरक्षा पर योगी सरकार का पूरा फोकस, अभेद्य दुर्ग बना इंटरनेशनल ट्रेड शोयूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों की पहचान बनाने का सशक्त मंच : भूपेंद्र चौधरीशहीद भगत सिंह की जयंती पर 27 सितंबर को दौड़ेगा लखनऊयूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: अमित शाहअल्ट्रा प्ले द्वारा देव आनंद की 103वीं जयंती पर उनकी सदाबहार फिल्मों की सौगातयूपी के उत्पादों, सप्लाई चेन व उद्यमियों पर दुनिया को भरोसाः योगीUP School Holiday: यूपी में आफत की बारिश, 26 जिलों में स्कूल बंद; यहां देखें पूरी लिस्टलगातार बारिश में भरभराकर गिरा कच्चा मकान, टीन शेड भी ढहायूपी में मौसम को लेकर अलर्ट, जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता के निर्देशनशे में चाची से दुष्कर्म, विरोध पर पीटकर हत्या, दो गिरफ्तारसुरक्षा पर योगी सरकार का पूरा फोकस, अभेद्य दुर्ग बना इंटरनेशनल ट्रेड शोयूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो वैश्विक बाजार में यूपी के उत्पादों की पहचान बनाने का सशक्त मंच : भूपेंद्र चौधरीशहीद भगत सिंह की जयंती पर 27 सितंबर को दौड़ेगा लखनऊयूपी में अब कट्टा उद्योग की जगह डिफेंस कॉरिडोर और वाहन चोरी की जगह वाहन निर्माण: अमित शाहअल्ट्रा प्ले द्वारा देव आनंद की 103वीं जयंती पर उनकी सदाबहार फिल्मों की सौगातयूपी के उत्पादों, सप्लाई चेन व उद्यमियों पर दुनिया को भरोसाः योगी

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की चर्चा, पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा का नाम CEO पद के लिए चर्चा में

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़े बदलाव की चर्चा, पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा का नाम CEO पद के लिए चर्चा में

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण और ट्रस्ट से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बीच अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर सामने आ रही है कि ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में वरिष्ठ और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और संत समाज के कई प्रमुख प्रतिनिधियों के बीच उनके नाम को लेकर व्यापक सहमति बनती दिखाई दे रही है। यदि यह नियुक्ति होती है तो इसे राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासन में पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

प्रशासनिक अनुभव और धार्मिक पृष्ठभूमि

योगेश्वर राम मिश्रा उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा और बाद में भारतीय प्रशासनिक सेवा में अपने लंबे अनुभव के लिए जाने जाते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाराबंकी, अयोध्या और वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा वे विंध्याचल और देवीपाटन मंडल के मंडलायुक्त भी रह चुके हैं।

प्रशासनिक हलकों में उनकी पहचान एक ईमानदार, निष्पक्ष और कुशल अधिकारी के रूप में रही है। सूत्रों के अनुसार उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों की समझ भी काफी गहरी मानी जाती है। यही वजह है कि राम मंदिर जैसे अत्यंत संवेदनशील और प्रतिष्ठित संस्थान के लिए उनका नाम उपयुक्त माना जा रहा है।

ट्रस्ट में बदलाव की पृष्ठभूमि

राम मंदिर चढ़ावा और दान प्रबंधन से जुड़े विवादों के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इसके बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक नेतृत्व को लेकर नए नामों पर चर्चा शुरू हो गई।

सूत्रों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रस्ट ऐसा नेतृत्व चाहता है जिसकी छवि निष्कलंक हो और जो प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं की भी गहरी समझ रखता हो। इसी कारण योगेश्वर राम मिश्रा का नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है।

राम भक्तों में विश्वास बहाली पर फोकस

जानकारों का मानना है कि यदि योगेश्वर राम मिश्रा को ट्रस्ट की जिम्मेदारी सौंपी जाती है तो यह केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं होगी, बल्कि श्रद्धालुओं और राम भक्तों के बीच विश्वास बहाली का संदेश भी होगा। राम मंदिर देशभर के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और ऐसे में ट्रस्ट के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर विशेष संवेदनशीलता अपेक्षित है।

सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में ट्रस्ट की बैठकों और संबंधित स्तरों पर होने वाली चर्चाओं के बाद इस विषय पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक, प्रशासनिक और धार्मिक गलियारों में योगेश्वर राम मिश्रा के नाम को लेकर चर्चा लगातार तेज होती जा रही है।

राम मंदिर ट्रस्ट में संभावित इस बदलाव को अयोध्या और देशभर के श्रद्धालु बेहद करीब से देख रहे हैं, क्योंकि इसका असर मंदिर प्रबंधन और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी पड़ सकता है।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें