डेंगू के मरीज बढ़े, जिला सिविल अस्पताल में व्यवस्थाएं बीमार

- आठ बिस्तरों के मेडिकल वार्ड में डेंगू, मलेरिया, क्षयरोग और सामान्य मरीज एक साथ
- प्लेटलेट्स मशीन चालू फिर भी मरीज रेफर, व्हीलचेयर तक के लिए तरस रहे मरीज

कविता। फरीदाबाद
जिले में डेंगू के मामले बढ़ने के बीच जिला नागरिक अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल का मेडिकल वार्ड महज आठ बिस्तरों के सहारे चल रहा है, जबकि इसमें क्षयरोगियों के साथ सामान्य बीमारियों, डेंगू और मलेरिया के मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है। हालात यह हैं कि आपातकालीन कक्ष में पहुंचने वाले डेंगू संभावित मरीजों को पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने पर रेफर किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी एक मरीज को प्लेटलेट्स कम होने के कारण रेफर किए जाने की बात सामने आई। अस्पताल में बृहस्पतिवार को मेडिकल वार्ड में करीब तीन डेंगू संभावित मरीज भर्ती थे, जबकि आपातकालीन कक्ष में भी दो मरीज उपचाराधीन थे। इनमें पांच दिन से भर्ती रमेश नामक मरीज को प्लेटलेट्स कम होने के कारण रेफर किए जाने की बात कही गई।
डेंगू 22 मरीजों की पुष्टि
पायनियर संवाददाता ने जब डिप्टी सीएमओ डॉ. राम भगत से बात की, तो उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 22 डेंगू और तीन मलेरिया के मरीज सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं और जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या कम है। हालांकि, अस्पताल में भर्ती मरीज को प्लेटलेट्स कम होने के कारण रेफर किए जाने की जानकारी से उन्होंने अनभिज्ञता जताई।जब उनसे बीके अस्पताल के ब्लड बैंक में उपलब्ध ब्लड सेपरेटर मशीन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पीएमओ से बात करने को कहा।मशीन चालू, फिर प्लेटलेट्स के लिए रेफरल क्यों?
जब कार्यकारी पीएमओ डॉ. विकास गोयल से बात की तो उन्होंने कहा कि वह पता करेंगे कि पांच दिन से भर्ती रमेश को रेफर क्यों किया गया। जब उन्हें प्लेटलेट्स कम होने के कारण रेफर किए जाने की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि ब्लड सेपरेटर मशीन उपलब्ध है, लेकिन वह चालू है या नहीं, इसकी जानकारी ब्लड बैंक से मिलेगी।वहीं ब्लड बैंक की मेडिकल ऑफिसर डॉ. सौक्वया ने स्पष्ट किया कि ब्लड सेपरेटर मशीन चालू है और प्लेटलेट्स की मांग आने पर उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओर से प्लेटलेट्स के लिए कोई मांग ही नहीं भेजी गई। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब अस्पताल के अपने ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स तैयार करने की मशीन चालू है और प्लेटलेट्स उपलब्ध कराए जा सकते हैं, तो मरीज को रेफर करने की नौबत क्यों आई?



