मुख्य सामग्री पर जाएं
हिंदी संस्करण
पायनियर स्वतंत्र · निष्पक्ष · निर्भीक
उत्तर प्रदेश

दिल्ली हाई कोर्ट से राजा भैया को बड़ा झटका, घरेलू हिंसा मामले में समन बरकरार

उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाई कोर्ट ने उनकी पत्नी भानवी सिंह द्वारा दायर घरेलू हिंसा मामले में…

साझा करें WhatsAppFacebookX
दिल्ली हाई कोर्ट से राजा भैया को बड़ा झटका, घरेलू हिंसा मामले में समन बरकरार

उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा कानूनी झटका लगा है। हाई कोर्ट ने उनकी पत्नी भानवी सिंह द्वारा दायर घरेलू हिंसा मामले में जारी समन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत के इस फैसले के बाद अब राजा भैया को राउज एवेन्यू स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में मामले का सामना करना होगा।

दरअसल, भानवी सिंह ने राजा भैया के खिलाफ घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने जुलाई 2024 में समन जारी किया था। समन के खिलाफ राजा भैया ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करते हुए इसे चुनौती दी थी।

याचिका में राजा भैया की ओर से दलील दी गई थी कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत दायर मामले की सुनवाई साकेत कोर्ट में होनी चाहिए, न कि सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में। उनका कहना था कि यह मामला विशेष अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

हालांकि, न्यायमूर्ति स्वर्णकान्ता शर्मा ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि राउज एवेन्यू की विशेष एमपी-एमएलए अदालत वर्तमान जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए पूरी तरह सक्षम है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी अदालतों का गठन जनप्रतिनिधियों से संबंधित मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के उद्देश्य से किया गया है।

अपने फैसले में हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मांगी जाने वाली राहतें भले ही मुख्य रूप से सिविल प्रकृति की हों, लेकिन कानून में संरक्षण आदेशों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी मौजूद हैं। ऐसे मामलों की सुनवाई मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा की जाती है और यह आपराधिक प्रक्रिया के दायरे में आता है। इसलिए विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा मामले की सुनवाई में कोई कानूनी बाधा नहीं है।

सुनवाई के दौरान राजा भैया की ओर से फोरम शॉपिंग का मुद्दा भी उठाया गया था। हालांकि हाई कोर्ट ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया और माना कि मामले की सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट में ही जारी रहेगी।

गौरतलब है कि राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच कानूनी विवाद पिछले कुछ समय से चर्चा में है। एक ओर राजा भैया ने पत्नी पर क्रूरता और परित्याग का आरोप लगाते हुए तलाक की याचिका दायर की है, वहीं दूसरी ओर भानवी सिंह ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा, विवाहेतर संबंधों और वित्तीय अनियमितताओं जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब घरेलू हिंसा मामले की आगे की सुनवाई राउज एवेन्यू स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में होगी, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। इस मामले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है।

लेखक

Rashmi Singh

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

लेखक की सभी खबरें →