डीएम ने विकास खंड हरैया सतघरवा के ग्राम पंचायत सकरी बनकटवा में वीएचएसएनडी सत्र का किया निरीक्षण

- डीएम ने ड्यू लिस्ट के अनुसार शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किए जाने के दिए निर्देश
पायनियर संवाददाता। बलरामपुर
जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा नियमित टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने विकासखंड हरैया सतघरवा की ग्राम पंचायत सकरी बनकटवा स्थित ग्राम पंचायत सचिवालय में आयोजित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वीएचएसएनडी सत्र में बच्चों के नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), ड्यू लिस्ट एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता का जायजा लिया। इस दौरान बताया गया कि सत्र में 17 बच्चों का टीकाकरण किया गया है।
जिलाधिकारी ने एएनएम से टीकाकरण की प्रगति की जानकारी प्राप्त की तथा ड्यू लिस्ट का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि ड्यू लिस्ट के अनुसार सभी पात्र बच्चों का निर्धारित समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। टीकाकरण से छूटे बच्चों को चिह्नित कर उन्हें आगामी सत्रों में टीकाकरण से आच्छादित किया जाए। इसके लिए आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से अभिभावकों को जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी पंजीकृत गर्भवती महिलाओं की निर्धारित समयावधि में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण एएनसी सुनिश्चित की जाए। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, वजन एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए जाएं। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर उनकी विशेष निगरानी की जाए तथा आवश्यकतानुसार उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर संदर्भित किया जाए। इस दौरान जिलाधिकारी ने एएनएम के ई-कवच पोर्टल का भी अवलोकन किया। उन्होंने पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी विवरण, टीकाकरण तथा एएनसी की जानकारी नियमित रूप से अद्यतन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आंकड़ों की समयबद्ध एवं सही प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए, जिससे लाभार्थियों की प्रभावी निगरानी की जा सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करें। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, संतुलित पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि वीएचएसएनडी सत्रों का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर ही महिलाओं एवं बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराना है। सभी संबंधित स्वास्थ्य कर्मी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण तथा कोई भी गर्भवती महिला आवश्यक स्वास्थ्य जांच से वंचित न रहे। निरीक्षण के दौरान एमओआईसी सुजीत पांडे व अन्य संबंधित अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।



