डीएम की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक संपन्न

- स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने एवं मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने पर विशेष जोर
- आयुष्मान गोल्डन कार्ड निर्माण में बलरामपुर देवीपाटन मंडल में प्रथम, प्रदेश में 21वें स्थान पर
- जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी एवं टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
ब्यूरो रिपोर्ट ,,बी पी त्रिपाठी । बलरामपुर
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय एवं विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम तथा स्वास्थ्य विभाग की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालन आख्या की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, मरीजों को समयबद्ध उपचार एवं पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया।
संस्थागत प्रसव बढ़ाने एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक जांच तथा प्रसव पूर्व देखभाल को प्राथमिकता दी जाए।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक मातृ मृत्यु प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा करने तथा सामने आई कमियों के निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रसव इकाइयों में आवश्यक उपकरणों, प्रशिक्षित चिकित्सकों, दवाओं एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि अगस्त माह में एफआरयू के अंतर्गत कुल 1,606 प्रसवों में से 272 सिजेरियन प्रसव संपन्न हुए। सीएचसी उतरौला में सिजेरियन सेवाओं के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय के निश्चेतक डॉ. देशराज को ऑन-कॉल सेवाएं देने हेतु संबद्ध किया गया है।
आयुष्मान भारत योजना में 6.26 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में 1,64,648 पात्र परिवारों के कुल 7,30,824 पात्र लाभार्थियों के सापेक्ष 6,26,086 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस प्रकार जनपद में गोल्डन कार्ड निर्माण की उपलब्धि 85.66 प्रतिशत है।
गोल्डन कार्ड निर्माण में बलरामपुर देवीपाटन मंडल में प्रथम तथा प्रदेश में 21वें स्थान पर है। इसके अतिरिक्त वय वंदन योजना के अंतर्गत 9,165 कार्ड बनाए गए हैं। सार्वजनिक एवं निजी चिकित्सालयों में कुल 45,219 प्री-ऑथ दर्ज किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने शेष पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर पात्र व्यक्तियों को योजना से जोड़ने पर जोर दिया।
जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान शीघ्र पूर्ण करने पर जोर
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में 12,077 लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने पात्र लाभार्थियों के भुगतान की स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने तथा बैंक खातों एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने पर जोर दिया।
नियमित टीकाकरण में 98.11 प्रतिशत उपलब्धि, शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति पर जोर
जिलाधिकारी ने नियमित टीकाकरण एवं प्रोजेक्ट संवर्धन की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जनपद में पूर्ण टीकाकरण की उपलब्धि 98.11 प्रतिशत है। सितम्बर माह में निर्धारित वीएचएनडी सत्रों के सापेक्ष 98.06 प्रतिशत सत्र आयोजित किए गए तथा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के टीकाकरण और स्क्रीनिंग में 94 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि प्राप्त हुई।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु 9 से 13 वर्ष की बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 100.5 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।
जिलाधिकारी ने टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने, आशा एवं एएनएम के माध्यम से ड्यू लिस्ट नियमित रूप से अपडेट करने तथा प्रत्येक वीएचएनडी सत्र में सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों को मिल रहा निःशुल्क उपचार
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि रेहरा बाजार विकासखंड की आठ वर्षीय बालिका संध्या के हृदय में छेद का जेएनयू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ में सफल डिवाइस क्लोजर ऑपरेशन कराया गया। इसके अतिरिक्त क्लब फुट तथा कटे होंठ एवं तालू से प्रभावित बच्चों को निःशुल्क उपचार, आवश्यक उपकरण एवं सुधारात्मक सर्जरी की सुविधा प्रदान की गई है।
जिलाधिकारी ने जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों की समय से पहचान एवं उपचार पर विशेष ध्यान देने तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमों के माध्यम से विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा, लक्ष्य के सापेक्ष 106 प्रतिशत उपलब्धि
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अगस्त 2026 में 456 के लक्ष्य के सापेक्ष 481 टीबी मरीज नोटिफाई किए गए। इस प्रकार लक्ष्य के सापेक्ष 106 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त हुई। नोटिफाई किए गए मरीजों का शत-प्रतिशत यूडीएसटी एवं एचआईवी परीक्षण पूर्ण किया गया है।
जिलाधिकारी ने टीबी मरीजों की समय से पहचान, जांच एवं उपचार तथा मरीजों की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनभागीदारी बढ़ाने एवं निक्षय मित्रों के माध्यम से मरीजों को पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए चिकित्सकों की भर्ती एवं उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा
बैठक में संविदा एमबीबीएस चिकित्सकों के रिक्त पदों पर भर्ती की समीक्षा की गई। बताया गया कि जनपद में स्वीकृत 41 पदों के सापेक्ष 30 चिकित्सक कार्यरत हैं। शेष 11 रिक्त पदों पर राज्य स्तरीय केंद्रीकृत पोर्टल विकसित होने तक जिला स्तर पर वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया जारी रखने का निर्णय लिया गया।
इसके अतिरिक्त प्रसव इकाइयों के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹10 लाख की वित्तीय सीमा के अंतर्गत आवश्यक उपकरणों की ब्लॉकवार सूची तैयार कर प्रेषित किए जाने तथा स्वास्थ्य केंद्रों पर अनुपलब्ध एवं अक्रियाशील सोलर पैनलों की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत टीबी जांच के लिए टीबी क्लीनिक एवं ब्लॉक टीयू केंद्रों हेतु आवश्यक लैब कंज्यूमेबल्स क्रय करने के लिए बजट उपयोग का अनुमोदन किया गया।
ई-संजीवनी के माध्यम से 27 हजार से अधिक मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श
ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अगस्त माह में जनपद में कुल 27,609 टेली-कंसल्टेशन किए गए।
इसके अतिरिक्त 30 अगस्त से 20 सितम्बर के मध्य मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के अंतर्गत 7,361 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं।
जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ओपीडी सेवाओं का विस्तार करने, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ई-संजीवनी के माध्यम से अधिक से अधिक मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श से लाभान्वित करने पर जोर दिया।
विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत विभागीय समन्वय एवं जनजागरूकता पर जोर
बैठक में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों एवं विभागीय गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, नगर निकाय, शिक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय पर जोर दिया।
उन्होंने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, नालियों की सफाई, फॉगिंग एवं एंटी लार्वा छिड़काव जैसी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की आवश्यकता बताई।
इसके साथ ही आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से बुखार के मरीजों की समय से पहचान, जांच एवं उपचार तथा आमजन को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
विद्यालयों में बच्चों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, मच्छरों से बचाव एवं व्यक्तिगत साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं पात्र लाभार्थियों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश रस्तोगी , डीपीएम विनोद त्रिपाठी व अन्य संबंधित अधिकारी / कर्मचारीगण उपस्थित रहें।



