दबाव छोड़ मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दें, अय्यर का खिलाड़ियों को मंत्र
पाकिस्तान को हराकर भारत ने जीता एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक

नागोया। पाकिस्तान के खिलाफ एशियाई खेलों के फाइनल में उतरने से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के खिलाड़ियों को बड़े मुकाबले के दबाव से दूर रहने और अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने की सलाह दी थी। खिलाड़ियों ने कप्तान की बात पर अमल किया और शनिवार को पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जीत के बाद अय्यर ने कहा कि टीम ने फाइनल को भारत-पाकिस्तान मुकाबले के बजाय एक सामान्य क्रिकेट मैच की तरह लेने की कोशिश की। उनका पूरा ध्यान अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर था।
अय्यर ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल का दबाव स्वाभाविक था, क्योंकि पूरा देश इस मुकाबले पर नजर रख रहा था। ऐसे में उन्होंने साथियों से कहा कि इस माहौल को अपने खेल पर हावी न होने दें और जिस तरह अब तक खेलते आए हैं, उसी अंदाज में मैदान पर उतरें।
भारतीय बल्लेबाजों ने मुश्किल पिच पर 211 रन बनाकर जीत की मजबूत नींव रखी। अय्यर ने टीम की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि विकेट पर गेंद काफी टर्न हो रही थी और यह अनुमान लगाना मुश्किल था कि पिच किस तरह खेलेगी। इसके बावजूद 211 रन का स्कोर खड़ा करना पूरी टीम का शानदार प्रयास था।
लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने एक समय मुकाबले में वापसी की कोशिश की। उसके बल्लेबाजों ने कुछ बड़े शॉट लगाकर भारतीय खेमे पर दबाव बनाया। अय्यर ने इस दौरान भारतीय गेंदबाजों के धैर्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अच्छी बल्लेबाजी की और एक समय वह लय में भी था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखा।
अय्यर के लिए यह स्वर्ण पदक इसलिए भी खास रहा क्योंकि एशियाई खेलों का अनुभव पारंपरिक क्रिकेट प्रतियोगिताओं से अलग है। उन्होंने कहा कि यहां सुविधाएं सीमित होने के बावजूद खिलाड़ियों को उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना पड़ता है। भारतीय टीम ने इसी सोच के साथ चुनौती का सामना किया और स्वर्ण पदक हासिल किया।



