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ऐपण कला से बनी राखी का क्रेज बढ़ा, महिलाएं कर रही हैं खरीदारी

ऐपण कला से बनी राखी का क्रेज बढ़ा, महिलाएं कर रही हैं खरीदारी

पायनियर समाचार सेवा। अल्मोड़ा। देश भर मे भाई -बहिन त्यौहार रक्षाबंधन की धूममची हुई है वही अल्मोड़ा का बाजार भाई-बहन के त्योहार के उत्सव में डूबा है। बाजार राखियों से पटे पड़े हैं। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में पहली बार हाथों से बनी ऐंपण वाली राखियां भी दुकानों में सजी है। ऐपण उत्तराखण्ड परंपरा का एक खास हिस्सा।ऐपण इन रखियो मे कुमाउनी व गढ़वाली शब्दों का उपयोग किया गया और महिलाये इन रखियो को खरीद रही है वहीं इस बार बाजार में चाइनिज राखियों की डिमांड में कमी आई है। दुकानदारों का कहना है लोग देश में बनी राखियां ही पंसद कर रहे हैं। उन्होंने चाइनीज राखियां चलन से बाहर हो चुकी है । रेशम की डोर से बनी राखियों की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। अल्मोड़ा की बाजार में चाइनीज रााखियां इस बार आॅउट हैं। यहां बस देसी का बोलबाला है साथ ही एपण से बनी यह राखिया महिलाओ को रोजगार दे रही है।

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