- एफसीआरए संशोधन विधेयक वापस लेने की मांग की
एजेंसी। नई दिल्ली। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन के नेतृत्व में ईसाई नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को वापस लेने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने विधेयक के जब्ती वाले स्वरूप पर आपत्ति जताई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रस्तावित कानून मौजूदा नियामक व्यवस्था की जगह ऐसी व्यवस्था लागू करेगा, जो देशभर के धर्मार्थ संस्थानों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।
इसने शाह को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि अगर सरकार विधेयक वापस नहीं लेना चाहती है, तो उसे विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 की व्यापक समीक्षा के साथ इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा अधिनियम की धारा 15 को भी हटाने की मांग की।
विल्सन की अध्यक्षता वाले जॉइंट एक्शन फोरम आॅन माइनॉरिटीज के एक बयान के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल में अलग-अलग ईसाई समुदायों के प्रतिनिधि, आर्कबिशप अनिल काउटो, सीएसआई मॉडरेटर के. रूबेन मार्क, प्रचारक पॉल दिनाकरन, ह्यकैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस आॅफ इंडिया, ह्यनेशनल काउंसिल आॅफ चर्चेज इन इंडिया और चर्च आॅफ नॉर्थ इंडिया के प्रतिनिधि शामिल थे।