चारधाम यात्रा के द्वितीय चरण को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए एसपी ने दिए सख्त निर्देश

- मासिक अपराध गोष्ठी में अपराध नियंत्रण, नशा उन्मूलन और लंबित मामलों की हुई समीक्षा
- अगस्त माह के उत्कृष्ट कार्यों पर 26 पुलिसकर्मी ‘मैन ऑफ द मंथ’ सम्मान से सम्मानित
पायनियर समाचार सेवा। उत्तरकाशी। पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बुधवार को पुलिस लाइन उत्तरकाशी में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन में जनपद की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, चारधाम यात्रा प्रबंधन और नशा उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने चारधाम यात्रा के द्वितीय चरण को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस बल को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा। सम्मेलन में एसपी ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभागीय तथा व्यक्तिगत समस्याएं सुनते हुए उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में प्राप्त शिकायतों और समस्याओं पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसपी ने यात्रा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को संवेदनशील तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नशा उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए एसपी ने युवाओं में बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की और अभियान को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों और माफियाओं के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने तथा संवेदनशील एवं संदिग्ध क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए। अपराध समीक्षा के दौरान सभी थाना प्रभारियों को लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने, लंबित समन एवं वारंटों की शीघ्र तामील सुनिश्चित करने तथा आनलाइन पोर्टलों पर सूचनाओं को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। साइबर धोखाधड़ी, गुमशुदा बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर अगस्त माह में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 26 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को ‘मैन ऑफ द मंथ’ घोषित कर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसपी ने सभी सम्मानित पुलिसकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए अन्य कर्मियों को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित किया। सम्मेलन के दौरान जनपद में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षु एफएसएसओ हारुन अहमद और अमन से भी संवाद किया गया। उन्हें पुलिस एवं फायर सेवाओं से संबंधित कार्यों, फील्ड में आने वाली चुनौतियों और जनसेवा के दायित्वों के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। इसके अलावा अधिकारियों, विवेचकों और कर्मचारियों को सीसीटीएनएस-2.0 तथा प्रहार-सीटी पॉलिसी के तहत प्रशिक्षण दिया गया। सहायक निदेशक अभियोजन अरुण गौड़, डीजीसी प्रवीन और एडीजीसी पूनम ने भी विवेचकों को अभियोजन प्रक्रिया, विवेचना की गुणवत्ता तथा दहेज हत्या सहित गंभीर मामलों की जांच में आवश्यक कानूनी प्रावधानों के अनुपालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। सम्मेलन में पुलिस, फायर, एसडीआरएफ तथा जनपद के विभिन्न थानों और शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जबकि यमुना वैली क्षेत्र के कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।



