आशा वर्कर्स का ब्लॉक स्तरीय धरना एक सितंबर को

पायनियर समाचार सेवा। सितारगंज। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू से संबद्ध) से जुड़ी आशा वर्कर्स अपनी समस्याओं को लेकर एक सितंबर को धरना देंगी।आशा वर्कर्स यूनियन की ब्लॉक उपाध्यक्ष शमरीन सिद्दीकी ने बताया कि एक सितंबर को सभी आशाएं एकजुट होकर नगर में रैली निकालेंगी। इसके बाद उप-जिला अस्पताल सितारगंज पहुंचकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को मांगपत्र सौपेंगी एवं अस्पताल परिसर में धरना देंगी। आशाओं की मांग है कि उन्हें नियमित एवं न्यूनतम वेतन रुपए 42000 दिया जाए। पेंशन और स्थायीकरण, ईएसआईसी के तहत स्वास्थ्य बीमा लाभ, आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करते हुए श्रम कोड वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी न होने तक प्रत्येक मंगलवार को धरना प्रदर्शन किया जाएगा। सितारगंज में आशा वर्कर्स के कुल 194 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 191 कार्यरत है। आशा वर्कर्स के ब्लॉक स्तरीय धरने से मातृत्व एवं शिशु देखभाल के कार्यक्रम प्रभावित होंगे। जननी सुरक्षा योजना एवं जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के लाभार्थियों को परेशानी हो सकती है। इसके अतिरिक्त शिशु एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, मातृ स्वास्थ्य एवं प्रसव का कार्य, परिवार नियोजन (पुरुष एवं महिला नसबंदी समेत जनसंख्या नियंत्रण के कृत्रिम उपाय), जन्म-मृत्यु एवं लक्ष्य दंपत्ति का रिकार्ड, क्षय (टी.वी.) उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम, डेंगू,मलेरिया जैसे जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रमों के सर्वे प्रभावित होंगे।



