पायनियर समाचार सेवा। सरोजनीनगर
बंथरा में बीते दिनों सई नदी में नहाने के दौरान घायल हुए आर्मी मध्य कमान सिगनल रेजीमेंट ट्रेड ईएफएस के नायक की रविवार रात को कमांड हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार दोपहर बाद सेना की गाड़ी से उनका शव गांव लाया गया। जहां सैन्य सम्मान के साथ ग्रामीणों की भारी भीड़ के बीच उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। बंथरा के गोड़वा गांव निवासी रविंद्र कुमार रावत (40) आर्मी में मध्य कमान सिगनल रेजीमेंट की ट्रेड ईएफएस में नायक पद पर जबलपुर में तैनात थे। बीते दिनों उनका स्थानांतरण लखनऊ कर दिया गया था।
जिसके लिए वह गत दिनों अपने गांव पहुंचे और गत 24 मई की सुबह गांव के पास ही अपने कुछ दोस्तों के साथ सई नदी में नहाने गए थे। जहां नदी में जंप लगाने के बाद वह किसी भारी वस्तु से टकरा गए और उनके सिर में गंभीर चोट आ गई। जिससे वह पानी के अंदर ही बेहोश हो गए। जब वह बाहर नहीं निकले तो साथ के लोगों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाल कर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद उन्हें कमांड अस्पताल रेफर कर दिया गया। कमांड हॉस्पिटल में वह लगातार कोमा में चल रहे थे। लेकिन रविवार की देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत होगई। इसके बाद लेफ्टिनेंट पीयूष बिष्ट सहित सेना के अन्य जवानों द्वारा सेना की गाड़ी से तिरंगे में लपेटकर उनका शव गांव पहुंचाया गया। जहां शव देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बाद में घर से करीब एक किलोमीटर दूर गांव के बाहर उनकी पारिवारिक जमीन पर सेनानायक रवींद्र के शव का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान सेनानायक के पिता जगदीश रावत, भाई महेंद्र रावत और सेना नायक के दोनों बेटों के अलावा सांसद आर के चौधरी और लेफ्टिनेंट पीयूष बिष्ट ने पुष्प चक्र अर्पित कर अंतिम विदाई दी। साथ ही सेना के जवानों ने बैंड बाजे की धुन से सलामी देते हुए अंतिम विदाई दी। इसके बाद शव का दाह संस्कार कर दिया गया। मृतक के परिवार में पत्नी तारावती उन्नाव के औरास में प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका है। वहीं मृतक के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अक्षांत उर्फ चीकू (5 वर्ष) और छोटा बेटा मीकू (3 वर्ष) है। बताया जाता है कि रविंद्र कुमार को गत 25 मई को लखनऊ में ड्यूटी ज्वाइन करनी थी, लेकिन उससे पहले ही 24 मई को नहाने के दौरान यह घटना हो गई।