आफत की बारिश मे सैकडो कच्चे मकान ढहे,महिला समेत दो की मृ्त्यु,दो भैसे मरी,डीएम ने दिये आवश्यक निर्देश

पायनियर संवाददाता। हमीपुर/ मौदहा/राठ/कुरारा
जिले में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से कच्चा घर गिरने से महिला समेत दो लोगो की मौत हो गयी दो भैसे मर गयी,कम से कम सैकडो मकान ध्वस्त हो गये है पूरे जिले में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है,जिलाधिकारी ने जिले का दौरा कर आवश्यक निर्देश दिये है। जानकारी के मुताबिक दो दिन से लगातार वारिश के चलते ग्रामीण व शहरी जीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है दो दिन में कम से कम 908.2 मिलीमीटर वारिश हो चुकी है शनिवार को 172 मिलीमीटर वारिश रिकार्ड की गयी है रात में सबसे ज्यााद वारिश बतायी जाती है,वारिश में कुरारा ब्लाक के सिकरोढी गांव में बीती रात कच्चा मकान गिरने से रामप्रकाश(60) की मौके पर ही मृत्यु हो गयी। मृतक का परिवार कोटरा मकरंदपुर(घाटमपुर) में रहता है,मृतक अपनी मां के साथ रहता था,मृतक के दो पुत्र गुजरात में मजदूरी करते है।
इसी प्रकार जलालपुर क्षेत्र के भेडी डांडा गांव में कच्चा मकान गिरने से संध्या सिंह(50) पत्नी कमल सिंह की मौत हो गयी। स्थानीय सुनराही गली मोहाल में दीपू पुरुवार का पक्का मकान भराभर कर गिर गया जिसमे पडोसी मनीराम बर्मा व क्रांति गुप्ता वही से निकल रहे थेे किसी प्रकार बच गये। जिले में सैकडो कच्चे मकान गिर गये है पूरे जिले में दो दिन में 908.20 मिलीमीटर वारिश हुई है जबकि शनिवार को 172 मिली लीटर वरसा रिकार्ड की गयी है। रात में सबसे ज्यादा वारिश बतायी गयी है। स्थानीय कांशीराम कालोनी में दो दिन से जलभराव हो गया लोगो के घरो में पानी भर गया जिससे लोगो को भारी परेशानी का सामना करना पडा है। टोडर पुर गांव में बलखंडी प्रजापति का मकान गिरने से उसकी कीमती दो भैसे दबकर मर गयी,जिनकी कीमत कम से कम दो लाख रुपये बतायी जाती है। राजस्व विभाग का कहना है कि पशु हानि में आपदा कोष से एक भैस का साढे सैतीस हजार रुपये की राशि दी जाती है।
कुतुबपुर गांव में बीती रात शीशम का पेड टूट कर विद्युत पोल पर गिर गया जिससे विद्युत व्यवस्था बंद हो गयी रास्ता जाम हो गया। किसी प्रकार पेड हटाकर रास्ता ठीक किया गया है। इसी प्रकार मौदहा क्षेत्र में चंद्रावल नदी पढोरी रपटा के ऊपर से चलने के कारण मौदहा सिसोलर मार्ग बंद हो गया है जबकि अरतरार, तिंदुही करहिया के मार्ग में बने रेलवे के अण्डर पास पानी से भर जाने के कारण लोगों का कस्बे से सम्पर्क पूरी तरह से टूट गया है। वहीँ गुरदहा गांव नदी बढने से टापू में तब्दील हो गया है। इतना ही नहीं कस्बे का इलाही तालाब पूरी तरह से भर जाने के कारण नगरपालिका ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के पहले ही जेसीबी मशीन से जल निकासी शुनिश्चित करा दी है।
जबकि मीरा तालाब भी पूरी तरह से लबालब भर जाने के कारण नाले से पानी की निकासी हो रही है जो रागौल के निचले इलाके में मुसीबत खडी कर रही है। इतना ही नहीं कस्बे के छिमौली रोड में बडेरी नाले का पानी रपटे के ऊपर चलने से छिमौली का भी कस्बे से सीधा सम्पर्क कट गया है।जबकि मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटो के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है जिसके चलते जिलाधिकारी के आदेश पर जिले के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया और हर आपदा से निपटने की तैयारी कर ली गई है उपजिलाधिकारी कर्णवीर सिंह तहसीलदार लेखपाल और नगरपालिका अध्यक्ष अपने अपने मातहतों के साथ क्षेत्र में जनता से हालचाल ले रहे हैं।
राठ(हमीरपुर) बारिश के चलते जज आवासए एसडीएम और सीओ आवास के आसपास भी पानी भर गया। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जलभराव होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ी। लगातार बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही और बाजारों में भी सामान्य दिनों की अपेक्षा कम चहल.पहल दिखाई दी।तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। लगातार बारिश से नगर की जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो कई अन्य इलाकों में भी जलभराव की स्थिति गंभीर हो सकती है।
मंडी में पानी भरने से सैकडो कुंटल गल्ला डूबा,कई रपटे डूबे,ग्रामीणो में दहशत
सुमेरपुर(हमीरपुर) मौहर गांव में बारिश के कारण रामगोपाल का कच्चा मकान अचानक ढह गया। मकान के भीतर दबने के कारण 4 भेड़ों की मौत हो गई जबकि पशुपालक ने मुस्तैदी दिखाते हुए 46 भेड़ों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इंगोहटा के लीणा नाले में उफान आने से गौशाला में पानी भर गया जिसके बाद पशुधन प्रसार अधिकारी आरण्बी सिंह ने मौके पर पहुँचकर बेसहारा गोवंश को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। छानी मार्ग व कुशवाहा मुहाल के बीच लीणा नाला का रपटा डूबने से ग्रामीणों को एक किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं कस्बे के कडोरन नाला का रपटा डूबने से इमिलिया थोक का संपर्क कट गया है जिससे लोगों को बस स्टेशन व रेलवे स्टेशन जाने के लिए तीन किमी घूमकर जाना पड़ रहा है।
कजली तालाब के उफनाने से आसपास की बस्तियों में पानी घुसने की स्थिति बन गई है जिससे ग्रामीणों में दहशत है। कस्बा स्थित गल्ला मंडी के बाहर नाला उफनाने से पूरा मंडी परिसर जलमग्न हो गया है। आढ़तों में पानी घुसने से व्यापारियों का सैकड़ों कुंतल अनाज भीगकर खराब हो गया है। मंडी कार्यालय के बाहर भी आधा फीट से अधिक पानी भरा हुआ है। तेज हवाओं और लबालब पानी के कारण धान की फसल गिरकर बिछ गई है।



