लोगों के बहकावे में आकर एफआईआर दर्ज कराई – यह बयान आरोपी डॉ. के कहने पर नर्स ने दिया फिर छल कर भटकता छोड़ दिया
प्रेमी मुनीफ शादी करने के फिराक में पीड़िता का कहना – मेरी जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले डॉक्टर को किसी भी लड़की से शादी नहीं करने दूंगी चाहे चली जाए जान
एस.पी.तिवारी/पायनियर संवाददाता
लखीमपुर-खीरी। मोहब्बत पर यकीन करना एक लड़की को इतना महंगा पड़ेगा उसने सपने में भी नहीं सोचा था। की प्रेमी जीवन के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कर दो राहे पर छोड़ देगा मेरे घर वाले और प्रेमी के घर वाले सब जानते थे कहते थे शादी कब करोगे कभी कहीं से यह एहसास नहीं हुआ ऐसा होगा जिसे न सुन सकुगी न देख सकुगी न सह सकुगी क्या गुनाह है मेरा अपने आप से सवाल करती पीड़िता ने जब मुनीफ पर भरोसा किया तो उसे क्या पता था कि वह भरोसा ही उसके जख्मों का सबसे बड़ा कारण बन जाएगा। शादी का झूठा वादा प्रेम का ढोंग और फिर एक के बाद एक धोखे – पीड़िता की दास्तान सुनकर हृदय में पीड़ा जरूर होगी।गौरतलब है कि साल 2023 में स्टार अस्पताल में काम करते वक्त मुनीफ पुत्र रहीस ने पीड़िता को प्रेमजाल में फंसाया।
दोनों मिलकर नया अस्पताल खोलेंगे सुख से रहेंगे – ये मीठे बोल थे आरोपी मुनीफ के। इन झूठे वादों में आकर पीड़िता ने अपना सबकुछ सौंप दिया। कई बार शारीरिक संबंध बने। पीड़िता गर्भवती हुई तो हर बार मुनीफ ने दवा खिलाकर जबरन गर्भपात करा दिया। प्यार में अंधी लड़की हर जुल्म सहती रही इस उम्मीद में कि एक दिन मुनीफ उसे अपनी दुल्हन बनाएगा।साल बीत गया 2024 में महेवागंज में नियो अस्पताल खुला। समाज के सामने पीड़िता नर्स बनी रही और मुनीफ डॉक्टर बनकर शान से घूमता रहा।
लेकिन पीड़िता के साथ हैवानियत जारी थी। दूसरे साल 24 नवंबर 2025 को जब पीड़िता ने बिना शादी के संबंध बनाने से इनकार किया तो मुनीफ का असली चेहरा सामने आ गया। गाली-गलौज मारपीट और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश। पुलिस में जाने पर धमकी मिली। तंग आकर पीड़िता ने 24 नवम्बर 2025 को मुनीफ के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा होते ही मुनीफ ने प्रेम का नाटक शुरू कर दिया। रोया गिड़गिड़ाया बोला – मैं उलझन में था अब अस्पताल बंद हो जाएगा। तुम जिससे प्यार करती हो उसे जेल में कैसे देख सकती हो? प्यार में मारपीट चलती है। मैं जहर खा लूंगा तुम्हारे बिना जी नहीं सकता। प्यार में पागल पीड़िता मोम की तरह पिघल गई। उसे लगा गलती हो गई।
तीसरे साल 13 जनवरी 2026 को आठ बिंदु का शपथपत्र बनवाया। मुनीफ ने देवा शरीफ मजार ले जाकर सौगंध खाई – अब ऐसा नहीं होगा। भरोसा करके पीड़िता ने 28 जनवरी 2026 को न्यायालय में बयान बदल दिए। कहा – लोगों के बहकावे में आकर प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला खत्म हो गया। पीड़िता को लगा अब सुख के दिन आएंगे।मुनीफ ने लिखित में तीन महीने में निकाह का वादा किया था। लेकिन आज-कल कहकर टालता रहा। 19 अप्रैल 2026 को दोपहर 3 बजे जब पीड़िता ने फिर शादी की बात की तो मुनीफ ने कमरा बंद कर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। फिर बेशर्मी से बोला – जो करना है कर ले। तूने प्राथमिकी कराई मैंने तुझसे संबंध बनाए अस्पताल खोल लिया न्यायालय में बयान अपने पक्ष में करा लिए।
अब तू मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। अब मैं दूसरी लड़की से शादी कर ऐश करूंगा। कहकर बेइज्जत करके भगा दिया। 2023 से लगातार शोषण झेल रही पीड़िता आज टूट चुकी है। शादी का वादा कर अस्मत लूटी गर्भपात कराए मारपीट की और जब प्राथमिकी हुई तो झूठे आंसू बहाकर बयान बदलवा लिए। मामला खत्म होते ही फिर वही दरिंदगी।अब पीड़िता का कहना है – मेरी जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले डॉक्टर को किसी भी लड़की से शादी नहीं करने दूंगी चाहे जान चली जाए। मैंने प्यार किया था गुनाह नहीं। उसने पहले जिस्म नोचा फिर झूठे वादों से कानून को भी धोखा दिलवाया। अब कहता है तू मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। क्या एक लड़की का प्यार करना इतना बड़ा जुर्म है कि उसे जिंदगी भर रुलाया जाए?
पीड़िता ने उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर पहले वाले मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की है। बलात्कार जबरन गर्भपात मारपीट धमकी धोखाधड़ी और न्यायालय को गुमराह करने की धाराओं में प्राथमिकी की मांग की है। एक सवाल समाज से भी है – कब तक पीड़िता जैसी लड़कियां प्यार के नाम पर लुटती रहेंगी? कब तक मुनीफ जैसे लोग शादी का झांसा देकर लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करते रहेंगे। धन व ऊंचे रसूख का प्रयोग कर मुनीफ बचने की पूरी कोशिश करेगा लेकिन पीड़िता को यकीन है भगवान के घर देर है अंधेर नहीं मुनीफ को किए की सजा जरूर मिलेगी।










