रामकथा मंच से सीएम योगी का बड़ा संदेश, बोले- भारत की आस्था और संस्कारों का सम्मान जरूरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा महोत्सव के समापन समारोह में संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। जगद्गुरु रामभद्राचार्य की रामकथा के समापन अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भारत की आस्था, निष्ठा और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान नहीं करते, उनके लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती।

भगवान राम सभी को जोड़ने वाले आदर्श

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्र को जोड़ने वाली शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे देश को एक सूत्र में बांधने की क्षमता यदि किसी नाम में है, तो वह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का नाम है। राम हम सभी के आदर्श हैं और उनके जीवन से समाज को दिशा मिलती है।

राम मंदिर आंदोलन को किया याद

सीएम योगी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि रामभक्तों ने सदियों तक इसके लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्षों तक चले आंदोलन के बाद वर्ष 2019 में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए रामलला की जन्मभूमि को मान्यता दी। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष ने सनातन परंपरा के प्रति लोगों की आस्था और समर्पण को मजबूत किया।

सामाजिक चुनौतियों पर जताई चिंता

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सामाजिक और सांस्कृतिक चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज को उन ताकतों के प्रति सजग रहना होगा जो विभाजन और अव्यवस्था फैलाने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि समय-समय पर नकारात्मक शक्तियां समाज और संस्कृति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती हैं, लेकिन संगठित समाज उनका मुकाबला करने में सक्षम होता है।

जनजागरूकता पर दिया जोर

सीएम योगी ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों और अवांछित गतिविधियों के खिलाफ केवल कानून ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि व्यापक जनजागरूकता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट होकर अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आना होगा।

रामकथा महोत्सव का हुआ समापन

लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा महोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामभद्राचार्य का आशीर्वाद लिया और रामकथा के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने के प्रयासों की सराहना की।

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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