उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए घाघरा नदी के किनारे बाढ़ नियंत्रण कार्यक्रम और मटियारी घाट पर लंबे पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस कदम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास ही प्रदेश की प्रगति का सबसे प्रभावी माध्यम है और समाज को उन लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए जो सकारात्मक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अच्छा काम करने वालों के साथ खड़े होना सीखिए। वर्तमान और भावी पीढ़ियों का भविष्य विकास से ही सुरक्षित हो सकता है। विकास का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।”
किसानों को होंगे कई बड़े फायदे
बाढ़ से फसलों की सुरक्षा
घाघरा नदी के तट पर प्रस्तावित बाढ़ नियंत्रण कार्यों के पूरा होने के बाद हजारों एकड़ कृषि भूमि को हर वर्ष आने वाली बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी। इससे किसानों की फसलें बचेंगी और आर्थिक नुकसान में कमी आएगी।
मटियारी घाट पर बनेगा लंबा पुल
मटियारी घाट पर लंबे पुल के निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। किसानों को अपनी उपज बाजार और मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे परिवहन लागत और समय दोनों की बचत होगी।
टेढ़ी नदी पर नए पुल का निर्माण
लंबे समय से लंबित टेढ़ी नदी पुल की मांग भी पूरी होने जा रही है। इसके निर्माण से स्थानीय लोगों और किसानों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
पशुपालकों को भी मिलेगा लाभ
रमापुर में नए पशु चिकित्सालय की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्र के पशुपालकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और पशुधन आधारित आय में वृद्धि की संभावना बनेगी।
16 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने बताया कि करनैलगंज और कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगभग 16 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। साथ ही स्थानीय जरूरतों के अनुसार अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव भी मांगे गए हैं।
पूर्वांचल के किसानों के लिए राहत भरा कदम
पूर्वी उत्तर प्रदेश में घाघरा नदी हर साल बाढ़ का कारण बनती है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों की फसलें प्रभावित होती हैं। सरकार का मानना है कि बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं के लागू होने से न केवल खेती सुरक्षित होगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
सरकार का फोकस बाढ़ नियंत्रण, बेहतर आधारभूत ढांचे, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है। ऐसे में यह फैसला क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।










